Sanskrit Annual Sample paper Class-7

Sanskrit Annual Sample paper Class-7

Sanskrit Paper Class-7 for annual exam

किसी भी परीक्षा की तैयारी करने से पहले हमें यह ज्ञात होना चाहिए कि परीक्षा में आने वाले प्रश्न किस प्रकार के होते हैं | एक बार प्रश्न पूछने के तरीके की जानकारी होने के बाद हम अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं | अब हम वार्षिक परीक्षा के (Sanskrit Annual Sample paper Class-7) एक आदर्श प्रश्न पत्र को देखते हैं | इस प्रश्न पत्र के उत्तर अगले अंक में दिए गए है |

आदर्श प्रश्न-पत्रम्

     कक्षा – 7

Subject – Sanskrit

समय: – 2:30 होरा                                 अंका: – 60

खण्ड- क

अपठित-अवबोधनम् (8 अंका:)

प्रश्न: 01. अधोलिखितं अनुच्छेदं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत –

पुस्तकालय: शब्द: पुस्तक + आलय: पदाभ्यां निर्मित:, तस्य अर्थ: – पुस्तकानाम् गृहम् | अस्माकं पुस्तकालय: नगरस्य रमणीय-स्थाने वर्तते | अस्य भवनं विशालं सुन्दरं च अस्ति | अस्मिन् पुस्तकालये दश-सहस्राणि पुस्तकानि सन्ति तथा च अत्र अनेकानि पत्राणि प्रतिदिनं आगच्छन्ति | अनेका: जना:, छात्रा: च आगत्य स्वाध्ययनं कुर्वन्ति | अस्माकं ज्ञान-वर्धनाय बौद्धिकविकासाय च पुस्तकालयानां महती भूमिका अस्ति | पुस्तकालये पुस्तकानाम् अभाव: कदा अपि न अवलोकित: |

I. एकपदेन उत्तरत – (1×3=3)

(क) पुस्तकालय: शब्द: काभ्यां पदाभ्यां निर्मित: अस्ति ?

(ख) दश-सहस्राणि पुस्तकानि कुत्र सन्ति ?

(ग) पुस्तकालये केषाम् अभाव: कदा अपि न अवलोकित: ?

II. पूर्ण-वाक्येन उत्तरत – (2×1=2)

(क) पुस्तकालय: इत्यस्य क: अर्थ: ?

(ख) अस्माकं कृते किमर्थं पुस्तकालयानां महती भूमिका अस्ति ?

III. यथानिर्देशं उत्तरत – (2×1=2)

(i) “अत्र अनेकानि पत्राणि प्रतिदिनं आगच्छन्ति” अस्मिन् वाक्ये क्रिया-पदम् किम् ?

(अ) अनेकानि

(ब) प्रतिदिनं

(स) आगच्छन्ति

(द) अत्र

(ii) “अस्य भवनं विशालं सुन्दरं च अस्ति” अस्मिन् वाक्ये विशेषण-पदम् किम् ?

(अ) अस्य

(ब) भवनं

(स) विशालं सुन्दरं

(द) च

(iii) “अस्य भवनं विशालं सुन्दरं च अस्ति” अस्मिन् वाक्ये कर्तृ-पदम् किम् ?

(अ) अस्य

(ब) विशालं

(स) भवनं

(द) अस्ति

IV. अस्य अनुच्छेदस्य कृते उपयुक्तं शीर्षकं लिखत | (1×1=1)

खण्ड-ख (Sanskrit Annual Sample paper Class-7)

रचनात्मक-कार्यम् (12 अंका:)

प्रश्न: 02. चित्रं दृष्ट्वा मञ्जूषाया: सहायतया चत्वारि वाक्यानि लिखत – (2×4=8)

( यहाँ पर एक चित्र दिया गया है जिसमे बच्चे खेल रहे है सुबह का समय है )

खगा:, विकसन्ति, कमलानि, उदिते, क्रीडन्ति, बाला:, कूजन्ति, चित्रपतंगा:, सूर्य:, डयन्ते |

 

प्रश्न: 03. अधोलिखितेषु पदेषु मेलनं कृत्वा वाक्यानि रचयत – (1×4=4)

(i) अहम्            कन्दुकेन             पठसि

(ii) त्वं               संस्कृतं               खेलति

(iii) स:              फलं                   गच्छामि

(iv) तौ              विद्यालयं           खादत:

खण्ड-ग

अनुप्रयुक्य-व्याकरणम् (18 अंका:)

प्रश्न: 04. उचित-शब्दरूपम् चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत – (1×4=4)

(i) ………. नम: | (हरिम् / हरये)

(ii) ……….. उपरि कृषिक्षेत्राणि सन्ति | (ग्रामस्य / ग्रामाम्)

(iii) ………..उभयत: पुत्रौ स्त: | (पितरम् / पितु:)

(iv) तत्र अनेका: ……… सन्ति | (जना:/ जनेन)

प्रश्न: 05. उचित-मेलनं कुरुत  – (1×3=3)

(i) कौटिल्येन                              चिकित्साशास्त्रे

(ii) आर्यभट्ट:                               अर्थशास्त्रं रचितम् |

(iii) चरक-सुश्रुतयो: योगदानम्     शुन्यस्य अविष्कर्ता |

प्रश्न: 06. मञ्जूषात: अंकानां कृते पदानि चिनुत – (1×4=4)

(i) 22

(ii) 16

(iii) 35

(iv) 12

द्वादश, षोडश, द्वाविंशति:, पञ्चत्रिंशत्

प्रश्न: 07. अधोलिखितानां शब्दानां विभक्ति-वचनं लिखत – (1×4=4)

(i) बन्धु:             ……………         ………………. |

(ii) देशान्          …………..          ………………. |

(iii) घृणाया:      …………..          ………………. |

(iv) कुटुम्बकम्    ……………         ………………. |

प्रश्न: 08. समानार्थक-पदानि योजयत – (1×3=3)

(i) कुटुम्बकम्                  सम्पूर्णे |

(ii) निखिले                    त्यक्त्वा |

(iii) अपहाय                   परिवार: |

खण्ड – घ

पठित-अवबोधनम् (22 अंका:)

प्रश्न: 09. अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत – (5)

परन्तु अधुना निखिले संसारे कलहस्य अशान्ते: च वातावरणम् अस्ति | मानवा: परस्परं न विश्वसन्ति | ते परस्य कष्टं स्वकीयं कष्टं न गणयन्ति | अपि च समर्था: देशा: असमर्थान् देशान् प्रति उपेक्षा-भावं प्रदर्शयन्ति, तेषाम् उपरि स्वकीयं प्रभुत्वं स्थापयन्ति | संसारे सर्वत्र विद्वेषस्य, शत्रुताया: हिंसाया: भावना दृश्यते | देशानां विकास: अपि अवरुद्ध: भवति |

I. एकपदेन उत्तरत – (1×1=1)

(क) के परस्परं न विश्वसन्ति ?

(ख) केषां विकास: अपि अवरुद्ध: भवति ?

II. पूर्ण-वाक्येन उत्तरत – (1×2=2)

(क) अधुना निखिले संसारे किम् अस्ति ?

(ख) के उपेक्षा-भावं प्रदर्शयन्ति ?

III. यथानिर्देशं उत्तरत – (2×1=2)

(i) “मानवा: परस्परं न विश्वसन्ति” अस्मिन् वाक्ये कर्ता क: अस्ति ?

(अ) परस्परं

(ब) विश्वसन्ति

(स) मानवा:

(द) न

(ii) “देशान् प्रति उपेक्षा-भावं प्रदर्शयन्ति” अस्मिन् वाक्ये अव्ययपदम् किम् अस्ति ?

(अ) देशान्

(ब) प्रति

(स) उपेक्षा-भावं

(द) प्रदर्शयन्ति

(iii) “ते परस्य कष्टं स्वकीयं कष्टं न गणयन्ति” अस्मिन् वाक्ये क्रियापदम् किम् अस्ति ?

(अ) गणयन्ति

(ब) परस्य

(स) ते

(द) स्वकीयं

प्रश्न: 10. अधोलिखितं पद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत – (5)

विद्या नाम नरस्य रूपमधिकं प्रच्छन्नगुप्तं धनम् , विद्या भोगकरी यश: सुखकरी विद्या गुरूणाम् गुरु: |

विद्या बंधुजनो विदेशगमने विद्या परा देवता , विद्या राजसु पूज्यते न हि धनं विद्या-विहीन: पशु: ||

I. एकपदेन उत्तरत – (1×1=1)

(क) विद्या नाम कस्य रूपमधिकम् ?

(ख) विद्या-विहीन: क: ?

II. पूर्ण-वाक्येन उत्तरत – (1×2=2)

(क) विद्या बंधुजन: कदा भवति ?

(ख) राजसु का पूज्यते?

III. यथानिर्देशं उत्तरत – (2×1=2)

(i) “विद्या राजसु पूज्यते न हि धनं” अस्मिन् वाक्ये अव्ययपदम् किम् अस्ति ?

(अ) विद्या

(ब) हि

(स) धनं

(द) पूज्यते

(ii) “प्रच्छन्नगुप्तं धनम्” अत्र विशेषणपदम् किम् ?

(अ) प्रच्छन्नगुप्तं

(ब) धनम्

(स) प्रच्छन्न

(द) गुप्तं

(iii) “गुरूणाम्” अत्र का विभक्ति: ?

(अ) प्रथमा

(ब) सप्तमी

(स) षष्ठी

(द) पञ्चमी

प्रश्न बनाना – 

प्रश्न: 11. रेखांकित-पदानां प्रश्न-निर्माणं कुरुत – (1×3=3)

(क) कालेन चटकाया: संतति: जाता |

(ख) गजस्य वधेनैव मम दुखं अपसरेत्  |

(ग) चटकाया: नीडं भुवि अपतत् |

प्रश्न: 12. विलोम-पदानि योजयत – (1×3=3)

(i) शत्रुताया:                  (क) लघुचेतसाम्

(ii) अपहाय                    (ख) मित्रताया:

(iii) उदारचरितानाम्      (ग) गृहीत्वा

प्रश्न: 13. उदाहरणानुसारम् “स्म” शब्दं योजयित्वा भूतकालिक-क्रियां लिखत – (6)

यथा – अवसत्                वसति स्म |

(i) अपठत्                      …………… |

(ii) अपतत्                     …………… |

(iii) अनयत्                    …………… |

(iv) अवदत्                    …………… |

(v) अत्रोटयत्                 ……………. |

(vi) अपृच्छत्                  ……………. |

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